जिस सराय में रान अपने पति के साथ गई थी, वहाँ उसकी मुलाकात एक बेहद कुशल मालिश करने वाले से हुई, जिसकी बारीकी से देखने की क्षमता उसकी दृष्टिहीनता के कारण और भी निखर गई थी। उसके हाथों ने सिर्फ मालिश ही नहीं की; उन्होंने रान के शरीर का तापमान, दिल की धड़कन और यहाँ तक कि उसकी हल्की सी कंपकंपी भी महसूस कर ली, मानो उसे छूते हुए उसके भीतर दबी हुई इच्छाओं को खोज रहे हों। युवा पत्नी की दबी हुई, अधूरी इच्छाएँ धीरे-धीरे टूट गईं, और रान ने अपने अंदर छिपी यौन संवेदनशीलता को महसूस किया, जिसके बारे में उसे पहले कभी पता ही नहीं था...